مدارس کے تعلیمی نصاب میں ڈیجیٹل لٹریسی، کوڈنگ اور مصنوعی ذہانت کے موضوعات شامل


محکمہ اقلیتی بہبود اور وقف محکمہ کی ایڈیشنل چیف سکریٹری مونیکا ایس گرگ کی قیادت میں ٹیم اوپائے نے مدارس اور اسکولوں کے اساتذہ کو اے آئی کے بارے میں معلومات فراہم کرنے کے لیے مضامین کے ماہرین کی مدد سے 22 ویڈیوز بنائی ہیں۔ اے آئی تعلیم میں سرمایہ کاری آنے والی نسلوں کے لیے سرمایہ کاری ہے۔ اس میں مدارس کے طلباء کو اس نئی ٹیکنالوجی کے بارے میں معلومات حاصل کرکے وہ عالمی معیار کے کالجوں میں نئی ​​ٹیکنالوجی کی تعلیم حاصل کر سکیں گے۔

अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग के नेतृत्व में टीम उपाय ने मदरसों और स्कूलों के अध्यापकों को एआई की जानकारी देने के लिए विषय विशेषज्ञों के सहयोग से 22 वीडियो बनाए हैं। एआई की शिक्षा में निवेश आने वाली पीढ़ियों में किया गया निवेश है। इसमें मदरसों के छात्रों को इस नई तकनीक की जानकारी मिलने से वो नई टेक्नोलॉजी का अध्ययन विश्वस्तरीय कॉलेजों में कर पायेंगे।

قابل ذکر ہے کہ ریاست میں کل 16513 مدارس ہیں جن میں سے 560 ریاستی امداد یافتہ ہیں اور 121 منی آئی ٹی آئی چل رہے ہیں۔ ریاستی حکومت نے وقتاً فوقتاً مدارس کو مرکزی دھارے سے جوڑنے اور دیگر بورڈوں کے برابر تعلیم فراہم کرنے کے لیے ضروری ترامیم کی ہیں۔

اترپردیش غیر سرکاری عربی اور فارسی مدرسہ کی شناخت انتظامیہ اور سروس ریگولیشنز 2016 جس کا مقصد اتر پردیش مدرسہ ایجوکیشن کونسل کے زیر انتظام مدارس میں زیر تعلیم طلباء کے علم میں اضافہ کرنا، عصری تعلیم کی حوصلہ افزائی کرنا، سماجی اور قومی یکجہتی کو فروغ دینا اور ان کو مرکزی حکومت سے جوڑنا ہے۔ اس میں ترمیم کی گئی اور تعلیمی سیشن 2017 سے مدارس میں ذریعہ تعلیم اردو کے ساتھ ہندی اور انگریزی کو بنایا گیا۔

उल्लेखनीय है प्रदेश में कुल 16513 मदरसे हैं, जिसमें 560 राज्यानुदानित एवं 121 मदरसों में मिनी आई टीआई संचालित हैं। प्रदेश की सरकार ने मदरसों को मुख्य धारा से जोड़ने और अन्य बोर्डाे के समान शिक्षा प्रदान करने के लिए समय-समय पर यथाआवश्यक संशोधन किये हैं।

उप्र मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित मदरसों में अध्ययनरत छात्रों के ज्ञान को विस्तारण देना, समसामयिक शिक्षा को प्रोत्साहन देना, सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता का विकास करना और उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से उप्र अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता प्रशासन एवं सेवा विनियमावली 2016 में संशोधन किया गया और शैक्षिक सत्र 2017 से मदरसों में शिक्षण का माध्यम उर्दू के साथ-साथ हिन्दी और अंग्रेजी किया गया।

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